Paper Title वृद्धाश्रम में आवासित वृद्ध पुरुषों का सामाजिक जीवन (अयोध्या नगर निगम में स्थित वृद्धाश्रम पर आधारित एक समाजशास्त्रीय अध्ययन)
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Country India
Abstract मानव जीवन अनेक अवस्थाओं से होकर गुजरता है, इसमें वृद्धावस्था जीवन का अंतिम एवं संवेदनशील कालखंड होता है। इस अवस्था में व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। भारतीय समाज में तीव्र सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन तथा पारिवारिक संरचना में आए बदलाव ने वृद्धों की स्थिति को गहराई से प्रभावित किया है। आज जैसे-जैसे भौतिकवादी और व्यक्तिवादी मूल्य का प्रभाव बढ़ रहा है, वैसे-वैसे वृद्धजन पारिवारिक , उपेक्षा,अकेलेपन और असुरक्षा की भावना का सामना कर रहे हैं। ऐसे परिवेश में वृद्ध आश्रम वृद्धों के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं।जो वृद्धों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उभरे हैं। प्रस्तुत शोध पत्र वृद्ध आश्रम में आवासित वृद्ध पुरुषों के सामाजिक जीवन पर आधारित है। जिसका उद्देश्य वहां रहने वाले वृद्धों की सामाजिक - आर्थिक तथा मनोवैज्ञानिक स्थिति का गहन अध्ययन करना है।
Keywords औद्योगिकरण, नगरीकरण, पश्चिमीकरण, वैश्वीकरण, उदारीकरण, उपेक्षा, अलगाव, पहचान का संकट, आत्मसम्मान, वैकल्पिक व्यवस्था।
Subject Area Sociology
Issue JSECR,V.12, N.27 October-December 2026
Published 2026/10/29
DOI https://doi.org/10.68868/14Js15aK34
How to Cite प्रतिभा, ड. (2026). वृद्धाश्रम में आवासित वृद्ध पुरुषों का सामाजिक जीवन (अयोध्या नगर निगम में स्थित वृद्धाश्रम पर आधारित एक समाजशास्त्रीय अध्ययन). Journal of Socio-Educational & Cultural Research, 12(27).
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